जिलाधिकारी द्वारा पांच करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं, नवाचारी प्रोजेक्ट, जिला योजना एवं 20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा

विकास कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के साथ गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें: जिलाधिकारी

पौड़ी- जनपद में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला योजना, राज्य सेक्टर एवं केंद्र पोषित योजनाओं की प्रगति के साथ ही 20 सूत्री एवं 25 सूत्री कार्यक्रम तथा टास्क फोर्स के कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त जनपद में पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं एवं महत्वपूर्ण फास्ट ट्रैक कार्यों की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गयी।

पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं के कार्य निर्धारित समय के अनुरूप आगे नहीं बढ़ रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ गति प्रदान करते हुए समयबद्ध पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत हो चुकी है, उनके कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखने को कहा।

बैठक में अधिशासी अभियंता ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 16 कार्यों के अनुबंध हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को इसी माह प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, उनमें आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करते हुए कार्यों को धरातल पर प्रारंभ किया जाए। जिलाधिकारी ने मोहनचट्टी में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा योग विलेज के कार्य को 10 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। सतपुली बैराज निर्माण कार्य की समीक्षा में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इसे दिसंबर तक कार्य पूर्ण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि पौड़ी में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्वीकृति शासन स्तर से प्राप्त हो गई है, जिससे पौड़ी नगर के निवासियों को लाभ होगा। उन्होंने इस हेतु टेंडर लगाते हुए कार्य निर्धारण के निर्देश दिए। वहीं, सतपुली नगरीय पेयजल योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना का कार्य जनवरी 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है।

सतपुली-गुमखाल संपर्क मार्ग के संबंध में पूर्व निर्गत निर्देशों के क्रम में अधिशासी अभियंता द्वारा बताया गया कि मार्ग पर ब्लैक टॉप का कार्य शुरू हो गया है तथा अधिकांश मलबा हटा लिया गया है, जिस पर जिलाधिकारी ने शेष मलबा हटाने का कार्य शीघ्र शुरू करने के साथ ही सुरक्षात्मक दीवारों की मरम्मत एवं निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि मार्ग पर आवागमन सुचारु और सुरक्षित बना रहे। पौड़ी-श्रीनगर मार्ग पर चल रहे कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि सुरक्षा दीवारों का कार्य प्रगति पर है तथा नालियों का कार्य शुरू हो गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जहां पाइप शिफ्टिंग के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है, वहां संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर आपसी समन्वय से कार्य शीघ्र शुरू कराएं।

उन्होंने कहा कि जिन बड़े कार्यों को पूर्ण कर लिया गया है, उनकी फोटोग्राफ एवं माप पुस्तिका उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। साथ ही शासन स्तर पर लंबित कार्यों का संबंधित विभाग नियमित फॉलोअप करें तथा वन विभाग की एनओसी के कारण लंबित कार्यों को संबंधित विभागों से समन्वय कर शीघ्र निस्तारित किया जाए। बैठक में पेयजल, पार्किंग सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में भी आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने पौड़ी जेल संग्रहालय के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पैठाणी स्थित राहु मंदिर तथा पौड़ी के इको एडवेंचर पार्क के कार्यों की भी समीक्षा की। राहु मंदिर में पुजारी आवास निर्माण पूर्ण हो चुका है। उन्होंने वेटिंग हॉल में फर्नीचर तथा लाइटिंग पोल में संगीत व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सीता माता सर्किट के अंतर्गत सौंदर्यीकरण संबंधी कार्यों के लिए शीघ्र टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

जिला योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान लोनिवि की न्यून प्रगति पायी गयी तथा लोनिवि को 15 अक्टूबर एवं 31 अक्टूबर तक पाक्षिक रूप से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने जिला योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कार्यदायी संस्थाओं को सौंपे गए कार्यों की केवल वित्तीय प्रगति तक सीमित न रहकर भौतिक प्रगति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन विभागों द्वारा पहली किश्त के लक्ष्य में 60 प्रतिशत से अधिक प्रगति प्राप्त कर ली गई है, उन्हें दूसरी किश्त जारी करने की कार्यवाही करने को कहा गया।

पूल्ड आवासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने डीएसटीओ को समिति गठित कर आवासों का निरीक्षण कराने तथा आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने भौतिक प्रगति की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया।

20 सूत्री एवं 25 सूत्री कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए पीएमजीएसवाई तथा स्वास्थ्य विभाग की न्यून प्रगति में नाराज़गी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने दोनों विभागों को शीघ्रता से काम में तेजी लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ विकास कार्यों को गति देने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना असवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, पुरातत्व अधिकारी आशीष कुमार, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई धीरज सैनी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता विवेक सेमवाल, रीना नेगी, शिवम मित्तल, जल संस्थान के टीएस रावत, जल निगम के नवनीत कटारिया, ग्रामीण निर्माण विभाग के लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, पीएमजीएसवाई के परशुराम चमोली, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, सहायक निबंधक सहकारिता सुमन कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, जिला खेल अधिकारी प्रदीप कुमार, जिला मत्स्य प्रभारी अभिषेक मिश्रा, परियोजना प्रबंधक उरेडा चंद्रप्रकाश उपाध्याय, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, एसीएमओ डॉ. अमित मेहरा, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, अपर समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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