ऋषिकेश। निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी (एनजीए), ऋषिकेश में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के सम्मान में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार एवं उत्कृष्टता के अद्भुत संगम का दर्शन हुआ, जहां मेधावी विद्यार्थियों को शॉल, पुष्पगुच्छ, स्मृति-चिह्न एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मधुर शबद-कीर्तन के साथ हुआ। समारोह परम पूज्य महंत बाबा राम सिंह महाराज के दिव्य आशीर्वाद एवं संस्था संचालक संत बाबा जोध सिंह महाराज के स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय का सभागार विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गर्व और उत्साह से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

समारोह का मुख्य आकर्षण कक्षा 12 की छात्रा इशिता सिंह रहीं, जिन्होंने कला संकाय में 98.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया, बल्कि सम्पूर्ण ऋषिकेश नगर की सिटी टॉपर बनने का गौरव भी हासिल किया। इशिता ने राज्य स्तर पर चतुर्थ स्थान प्राप्त कर विद्यालय, परिवार और उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
इशिता सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर निर्मल आश्रम परम पूज्य महंत बाबा राम सिंह जी महाराज एवं संत बाबा जोध सिंह जी महाराज द्वारा उन्हें ₹80,000 की नकद धनराशि, शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनकी सफलता पर उपस्थित जनसमूह ने जोरदार तालियों से उनका अभिनंदन किया।
वहीं कक्षा 12 में श्वेता यादव ने 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया, जिन्हें ₹65,000 की नकद धनराशि प्रदान की गई। प्रीतिका ने 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान अर्जित किया और उन्हें ₹55,000 की नकद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।

कक्षा 10 के टॉपर्स आराध्या थपलियाल (97.6%), नैतिक डबराल (97.4%) एवं पीयूष झा (94.6%) के अभिभावकों को भी शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. सुनीता शर्मा एवं प्रधानाध्यापिका अमृतपाल डंग ने सभी विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धियां पूरे विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

समारोह केवल सम्मान का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह परिश्रम, संस्कार, समर्पण और सफलता का उत्सव बन गया। कार्यक्रम ने उपस्थित विद्यार्थियों को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास एवं जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा प्रदान की।
अंत में निर्मल आश्रम ज्ञान दान अकादमी परिवार ने सभी सम्मानित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। धन्यवाद।