नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 होने में अब तीन महीने से भी कम का वक्त बचा है। ऐसे में चुनावी साल में आम जनता को तोहफे मिलना लाजमी है। इस कड़ी में देश की राजधानी दिल्ली में वित्त मंत्रालय के तहत पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (Public Investment Board) की बुधवार को अहम बैठक होनी है। माना जा रहा है कि बुधवार को होने वाली इस बैठक में दिल्ली मेट्रो को रैपिड रेल के साथ यूपी के शहरों कानपुर-आगरा के साथ बिहार में पटना और गुजरात के अहमदाबाद को भी मेट्रो का तोहफा मिल सकता है। ऐसा हुआ तो लोकसभा चुनाव से पहले देश के चार बड़े शहरों के लाखों लोगों के लिए यह बड़ी खुशखबरी होगी।
जानकारी के मुताबिक, Public Investment Board (PIB) की बुधवार को होने वाली बैठक में आगरा, कानपुर (उत्तर प्रदेश), पटना (बिहार) और अहमदाबाद फेज-2 (गजुरात) के लिए मेट्रो की मंजूरी मिल सकती है। इसके अलावा, बैठक से दिल्ली के साथ एनसीआर के दर्जनभर जिलों के लिए भी खुशखबरी आ सकती है। बताया जा रहा है कि इसमें दिल्ली-मेरठ के बीच प्रस्तावित रैपिड रेल को भी मंजूरी मिल सकती है।
जानकारों की मानें तो बैठक में इन सभी महत्वकांक्षी परियोजनाओं को PIB मंजूरी मिलती है तो केंद्रीय कैबिनेट भी इन्हें अपनी तरह से सहमति दे सकता है। चुनाव से पहले इन परियाजनों की मंजूरी केंद्र में सत्तासीन नरेंद्र मोदी सरकार के लिए सकारात्मक हो सकता है।
पटना में भी दौड़ेगी मेट्रो
PIB में मंजूरी मिली तो बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो रेल दौड़ने की योजना अगले पांच साल में साकार होने वाली है। इस साल ही पटना मेट्रो रेल परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। दो कॉरिडोर में बनने वाले मेट्रो में से एक पर दो-तीन वर्षों के भीतर परिचालन शुरू हो जाएगा, जबकि दोनों कॉरिडोर का काम अधिकतम पांच साल यानी वर्ष 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।
कॉरिडोर एक में दानापुर से मीठापुर के बीच कुल 12 स्टेशनों में दानापुर, सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, पाटलिपुत्र, रुकनपुरा, राजाबाजार, गोल्फ क्लब, पटना जू, विकास भवन, आयकर गोलंबर, पटना व मीठापुर होंगे। वहीं, कुल 16.94 किमी में एलिवेटेड 5.49 किमी और अंडरग्राउंड 11.21 किमी होगा।
कॉरिडोर दो में पटना स्टेशन से बस स्टैंड के बीच कुल 12 स्टेशन बस स्टैंड, जीरो माइल, गांधी सेतु, कुम्हरार, एनएमसी, राजेंद्रनगर, प्रेमचंद रंगशाला, पटना विवि, पीएमसीएच, गांधी मैदान, आकाशवाणी व पटना स्टेशन होंगे, जबकि 14:45 किमी में एलिवेटेड 9.9 किमी और अंडरग्राउंड 4.55 किमी होगी।
यूपी के आगरा में मेट्रो से लाभ
ताजनगरी आगरा में मेट्रो निर्माण को लेकर केंद्र और यूपी सरकार दोनों राजी हैं। ऐसे में प्रस्तावित आगरा फोर्ट मेट्रो स्टेशन को गोल्फ कोर्स क्षेत्र के पास बनाने की योजना है। यह स्टेशन भी अंडरग्राउंड होगा। ताज ईस्ट-वेस्ट स्टेशन को लोक निर्माण विभाग की जमीन पर बनाने का प्रस्ताव है। फतेहाबाद रोड पर प्रस्तावित यह स्टेशन होटल ट्राइडेंट के पास होगा।पहला कॉरिडोर आईएसबीटी और राजमंडी रेलवे स्टेशन को भी जोड़ेगा। आगरा कैंट मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था होगी। यह कॉरिडोर शहर के व्यावसायिक इलाकों के लिए खासतौर पर मुफीद होगा।
रैपिड रेल से दिल्ली के साथ एनसीआर के लोगों को भी होगा फायदा
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) यानी हाईस्पीड (रैपिड) रेल बनने से पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर के लोगों को लाभ मिलेगा। रैपिड रेल से दिल्ली-मेरठ का सफर महज 45 मिनट में पूरा कर सकेंगे। वहीं, नोएडा-साहिबाबाद मेट्रो लाइन का स्टेशन भी वसुंधरा रेड लाइट के पास प्रस्तावित है। वैशाली लाइन के मोहननगर तक विस्तार के दौरान भी एक स्टेशन यहीं बनेगा। इसके साथ ही मेरठ, दिल्ली, नोएडा से आने वाले लोग साहिबाबाद बस अड्डे से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए बस भी ले सकेंगे। ऐसे में जंक्शन बनने से न सिर्फ लोग रैपिड रेल, मेट्रो बल्कि यूपी रोडवेज की बसों से भी आसान सफर कर सकेंगे।
मेट्रो, हाईस्पीड स्टेशन और रोडवेज डिपो होगा इंटरकनेक्टेड
मेट्रो और हाईस्पीड रेल के स्टेशन लिंक रोड के दोनों ओर बनाए जाएंगे। हाईस्पीड ट्रेन का स्टेशन रोडवेज बस डिपो के ऊपर ही बनेगा। ऐसे में दोनों स्टेशन और बस डिपो को इंटरक्नेक्टेड करने का निर्णय लिया गया है। इन्हें जोड़ने के लिए एनसीआरटीसी ने एफओबी बनाने का निर्णय लिया है। एफओबी के जरिए वैशाली मेट्रो से आने वाले यात्री सीधे रैपिड रेल के स्टेशन में एंट्री कर सकेंगे। इसी तरह बस से साहिबाबाद बस अड्डे पहुंचने वाले यात्री एफओबी से सीधे रैपिड रेल के स्टेशन अथवा मेट्रो स्टेशन में एंट्री कर सकेंगे। उन्हें बस अड्डे से बाहर निकलने की जरूरत नहीं होगी। स्टेशन और बस अड्डे के अंदर से ही दूसरे स्टेशन जाने के लिए एंट्री प्वाइंट बनाया जाएगा।
मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले यात्री वसुंधरा से न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में कहीं भी जाने के लिए मेट्रो ले सकेंगे, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं भी बस से सफर कर सकेंगे। बिना स्टेशन से बाहर निकले यात्री मेट्रो से रैपिड रेल और बस अड्डे तक पहुंच सकेंगे। लिंक रोड के एक ओर रैपिड रेल का स्टेशन और बस अड्डा होगा तो दूसरी ओर मेट्रो के दोनों स्टेशन। अनुमान के मुताबिक, दिल्ली के साथ वेस्ट यूपी के दर्जन भर जिले के 10 करोड़ से अधिक लोग इसका फायदा उठा सकेंगे।